Yantra Chants के बारे में

Yantra Chants में, हमारे सभी यंत्र पवित्र भोजपत्र पर विशेष रूप से उसी व्यक्ति के लिए तैयार किए जाते हैं, जिसके लिए वे बनाए जा रहे हैं। अन्य माध्यमों पर बने यंत्रों की तरह इन्हें बड़े पैमाने पर आसानी से तैयार नहीं किया जाता। हमारा विश्वास है कि प्रत्येक यंत्र गहरी भक्ति और गुरु-परंपरा के आशीर्वाद के साथ बनाया जाना चाहिए।

Devraha Baba Guru Parampara and Lallan Das ji Maharaj

आध्यात्मिक ज्ञान की पारंपरिक गुरु-परंपरा से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए, हम अपने यंत्र एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ तैयार करते हैं—लोगों को जीवन की कर्मजन्य चुनौतियों से उबरने और आध्यात्मिक रूप से आगे बढ़ने में सहायता देना।

यंत्र भगवान की दिव्य ऊर्जा के साकार स्वरूप माने जाते हैं। जो भी उनकी पवित्र शक्ति का सम्मान और श्रद्धा करता है, वह उनसे जुड़ सकता है।

Yantra Chants में हमारा विश्वास है कि किसी यंत्र की शक्ति केवल उसकी आकृति में नहीं, बल्कि उस भाव में भी होती है जिसके साथ उसे बनाया जाता है।

Yantra and Kavach Puja

हमारे प्रत्येक यंत्र को मंत्रों से ऊर्जित किया जाता है और अनार की कलम, केसर तथा चंदन जैसी पारंपरिक और शुद्ध सामग्रियों से लिखा जाता है। इसमें प्रार्थना, संकल्प और आध्यात्मिक साधना की सूक्ष्म शक्ति समाहित रहती है।

Guru Parampara Yantra Energization
Damodar Das ji Maharaj Side View

दामोदर दास जी महाराज

दामोदर दास जी महाराज Yantra Chants के संस्थापक और इसकी प्रेरक शक्ति हैं, जिसे पहले Spirit Meaning के नाम से जाना जाता था। अपने गुरुजी, श्री लल्लन दास जी महाराज के प्रत्यक्ष सान्निध्य में रहकर और उनसे शिक्षा प्राप्त करके उन्होंने यंत्र-निर्माण की एक शक्तिशाली और अखंड परंपरा को आगे बढ़ाया है। साथ ही वे गंभीर साधकों का उनके आध्यात्मिक मार्ग पर मार्गदर्शन करते हैं। उनके द्वारा तैयार प्रत्येक यंत्र को वैदिक विधियों, निश्चित संख्या में मंत्र-जप और व्यक्ति-विशेष के अनुरूप पूजन के माध्यम से जागृत किया जाता है। अपने इष्टदेव श्री हनुमान जी महाराज की कृपा से गुरुजी यंत्र-देवता का उस पवित्र यंत्र-ज्यामिति में आवाहन करते हैं। वे एक लेखक भी हैं और मंत्र, मन का स्वरूप, गुरु की अनिवार्य भूमिका, आचार्यों की शिक्षाएँ, विभिन्न योग, कुंडलिनी शक्ति, वैदिक देवताओं आदि विषयों पर अपने गहन विचारों को पुस्तकों के माध्यम से साझा कर चुके हैं।

Sankalpa (Intention Setting)

संकल्प (उद्देश्य निर्धारण)

प्रत्येक यंत्र आपके विशिष्ट आध्यात्मिक या जीवन-संबंधी उद्देश्य से आरंभ होता है

Traditional Preparation

पारंपरिक तैयारी

भोजपत्र पर अनार की कलम, केसर और चंदन का उपयोग करके हाथ से तैयार किया जाता है।

Energization With mantras

मंत्रों द्वारा ऊर्जित करना

विशिष्ट मुहूर्त में बीज मंत्रों के साथ यंत्र-देवता का आवाहन किया जाता है।

Consecration and Dispatch

अभिमंत्रण एवं प्रेषण

पवित्र सावधानी से पैक करके आशीर्वाद के साथ आपको भेजा जाता है।

मार्गदर्शन प्राप्त करने वालों के अनुभव

रोहिणी देवी दासी (शोभा परमेश्वरन)

Rohini Devi Dasi (Shobha Parameswaran)
Viraja Devi Dasi

विरजा देवी दासी

दामोदर दास जी महाराज की ज्येष्ठ पुत्री, विरजा देवी दासी प्राचीन परंपरा और आधुनिक माध्यमों के बीच सेतु का कार्य करती हैं। अध्यात्म में दृढ़ आधार और जटिल आध्यात्मिक शिक्षाओं को कहानी के माध्यम से सरल रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता के साथ, वे Yantra Chants की डिजिटल उपस्थिति का निर्माण और संचालन करती हैं। भावपूर्ण ब्लॉग लिखने से लेकर ऑनलाइन अनुभव को बेहतर बनाने तक, वे यह सुनिश्चित करती हैं कि यंत्रों की पवित्र परंपरा दुनिया भर के लोगों तक पहुँचे। उनकी भूमिका केवल ऑनलाइन कार्य तक सीमित नहीं है। यंत्र के ऊर्जित होने के बाद वे उसे सुरक्षित परतों में सावधानी से पैक करने में भी सहायता करती हैं, ताकि प्रत्येक पवित्र वस्तु सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँचे। डिजिटल संपर्क से लेकर आपके द्वार तक पहुँचने वाले आशीर्वाद तक, वे साधक के अनुभव को सहज और भावपूर्ण बनाए रखती हैं।

वाणी देवी दासी

Vani Devi Dasi
विरजा देवी दासी

विरजा देवी दासी

लेखक
यंत्र डिज़ाइन सहयोगी, पूजा विशेषज्ञ, वैष्णव शास्त्र विशेषज्ञ, मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर, श्री दामोदर दास जी महाराज एवं श्रीमती रोहिणी देवी दासी के मार्गदर्शन में मानव मनोविज्ञान को आध्यात्मिक विज्ञान से जोड़ने का अनुभव
विरजा देवी दासी YantraChants.com में आध्यात्मिक विषय लेखिका, तकनीकी प्रमुख और यंत्र डिज़ाइन सहयोगी हैं। आध्यात्मिक वातावरण में पली-बढ़ी विरजा देवी दासी ने प्रारंभिक अवस्था से ही सनातन धर्म, भगवद्गीता और वैष्णव शास्त्रों का अध्ययन किया। इसके साथ उन्होंने NIOS के माध्यम से औपचारिक शिक्षा पूर्ण की और मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।उनका कार्य आध्यात्मिक अध्ययन, मनोवैज्ञानिक समझ और तकनीकी क्रियान्वयन को एक साथ जोड़ता है। उन्होंने कृष्ण बीज मंत्र की दीक्षा प्राप्त की है तथा श्री राम और श्री हनुमान भक्ति की साधना में प्रशिक्षण लिया है। उनके कार्य और साधना में संतुलन, भक्ति और अनुशासन का विशेष महत्व है।
रोहिणी देवी दासी

रोहिणी देवी दासी

समीक्षक
मुख्य संयोजक, आध्यात्मिक परामर्शदाता, 20+ वर्षों की भक्ति उपासिका, मंत्र विज्ञान विशेषज्ञ, भोजपत्र यंत्र विज्ञान विशेषज्ञ
रोहिणी देवी दासी भक्ति परंपरा से जुड़ी लेखिका हैं और उन्हें आध्यात्मिक मार्ग पर लोगों का मार्गदर्शन करने का 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने गुरुदेव देवरिया के श्री लल्लनदास जी महाराज से रामानंदी संप्रदाय में दीक्षा प्राप्त की।
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